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एमडी डेस्क से संदेश

शायद, यह हमारी रणनीति और कोल्ड चेन के बुनियादी ढांचे में प्रौद्योगिकी शासन को बढ़ावा देने के प्रयास के परिणाम के महत्वपूर्ण समीक्षा के लिए बाहर ले जाने के लिए सही समय है.

आरम्भ में, यह स्पष्ट किया जा रहा है कि रूप में कोई प्रदर्शन शीतगृह के बारे में डेटा के तहत गठित ...

संगठनात्‍मक ढांचा

निदेशक मंडल
राष्‍ट्रीय बागवानी बोर्ड का प्रबंधन एक शीर्ष निकाय '' निदेशक मंडल ''  द्वारा किया जाता है जिसके प्रमुख इसके अध्‍यक्ष के रुप में  केन्‍द्रीय कृषि मंत्री होते हैं तथा केन्‍द्रीय कृषि राज्‍य मंत्री इसके उपाध्‍यक्ष होते हैं1 बोर्ड के अन्‍य सदस्‍य निम्‍नानुसार होते हैं:- सभी उपर्युक्त योजनाओं का व्यापक उद्देश्य और उद्देश्यों को निम्नानुसार हैं: -
1:- सचिव, कषि एवं सहकारिता विभाग, भारत सरकार (पदेन)
2:-
महानिदेशक, आईसीएआर (पदेन)
3:-
महानिदेशक, आईसीएआर (पदेन)
4:- अपर सचिव एवं वित्‍त सलाहकार, कृषि एवं सहकारिता विभाग (पदेन)
5:- मिशन निदेशक, एनएचएम, कृषि एवं सहकारिता विभाग (पदेन)
6:- बागवानी आयुक्‍त, क़ृषि एवं सहका‍रिता विभाग (पदेन)
7:- सलाह‍कार  (क़ृषि ) योजना आयोग (पदेन)
8:- अध्‍यक्ष, कृषि एवं प्रसंस्‍कृत खाद्य उत्‍पाद निर्यात विकास प्राधिकरण ( एपीडा )
9:- बागवानी उद्योग के 11 प्रतिनिधि जो सहकारी समितियों के हितों का प्रतिनिधित्‍व करने वालों, विख्‍यात बागवानी विशेषज्ञ तथा बागवानी उत्‍पाद के अग्रणी निर्यातकों में से हों ( इन्‍हें केन्‍द्र सरकार द्वारा नामित किया जाता है)
10:- खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्रालय अथवा किसी अन्‍य मंत्रालय के प्रतिनि‍धि जिसे अध्‍यक्ष की सहमति से विशेष रुप से आमंत्रित किया जा सकता है। (पदेन)
11:- प्रबंध निदेशक, रा.बा.बो. –   सदस्‍य स‍चिव
प्रबंध समिति

केन्‍द्रीय सचिव (कृषि एवं सहकारिता विभाग), राष्‍ट्रीय बागवानी बोर्ड की प्रबंध समिति के अध्‍यक्ष के रुप में इसके प्रमुख होते हैं। इसे बोर्ड के मामलों एवं कार्यों के सामान्‍य अधीक्षण, निदेश देने और नियंत्रण का कार्य सौंपा गया है। प्रबंध समिति का संयोजन निम्‍नानुसार है:-

1:- सचिव (कृषि एवं सहकारिता ) (पदेन) अध्‍यक्ष
2:- अपर सचिव/ विशेष सचिव (बागवानी प्रभारी (कृषि एवं सहकारिता) (पदेन) सदस्‍य
3:- अपर सचिव एवं वित्‍त सलाहकार(कृषि एवं सहकारिता ) (पदेन) सदस्‍य
4:- अध्‍यक्ष, कृषि एवं प्रसंस्‍कृत खाद्य उत्‍पाद निर्यात विकास प्रा‍धिकरण  (एपीडा) (पदेन) सदस्‍य
5:- बागवानी आयुक्‍त, कृ‍षि एवं सहकारिता विभाग(पदेन) सदस्‍य
6:-
मिशन निदेशक, राष्‍ट्रीय बागवानी मिशन,(कृषि एवं सहकारिता विभाग) (पदेन)
सदस्‍य
7:- महाप्रबंधक, नाबार्ड (पदेन)                                    सदस्‍य
8:- एक कृषक प्रतिनिधि                                        सदस्‍य
9:- प्रबंध निदेशक, राष्‍ट्रीय बागवानी बोर्ड (पदेन)                     सदस्‍य
मुख्‍य कार्यकारी

प्रबंध निदेशक, रा.बा.बो. का मुख्‍य कार्यकारी है।

 
रा.बा.बो. के बारे में

भारत सरकार द्वारा राष्‍ट्रीय बागवानी बोर्ड (रा.बा.बो) की स्‍थापना सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के अंतर्गत एक स्‍वायत्‍त सोसायटी के रुप में की गई थी। बोर्ड का मुख्‍यालय सेक्‍टर- 18, संस्‍थानिक क्षेत्र, गुड़गांव (हरियाणा) में हैं।

प्रबंध समिति रा.बा.बो. की मुख्‍य कार्यकारी है जो रा.बा.बो. के निदेशक मंडल एवं कृषि एवं सहकारिता विभाग, कृषि मंत्रालय, भारत सरकार के समग्र पर्यवेक्षण, मार्गदर्शन के अंतर्गत विभिन्‍न योजनाओं को कार्यान्वित करता हैं।

रा.बा.बो. की योजनाओं के लक्ष्‍य एवं उद्देश्‍य
1:- चिह्न्ति बेल्‍टों में हाई-टेक वाणिज्यिक बागवानी का विकास।
2:- क्षेत्र विस्‍तार परियोजनाओं के समग्र भाग के रुप में या परियोजनाओं के समूह के लिए सामान्‍य सुविधाओं के रुप में आधुनिक कटाई पश्‍चात् प्रबंधन की अवसंरचना का विकास करना।
3:- ताजे बागवानी उत्‍पाद के लिए एकीकृत ऊर्जा कार्यक्षम शीत श्रृखलाओं की अवसंरचना का विकास करना।
4:- आवश्‍यक प्रौद्योगिकी मूल्‍यांकन करने के पश्‍चात् व्‍यवसायीकरण/अंगीकरण के लिए नई प्रौद्योगिकियों/औजारों/तकनीकोंकोप्रचलितकरना।
5:- कलम तथा प्रकंदन बैंकों/मूल पौध नर्सरियों की स्‍थापना का संवर्धन करना तथा प्रत्‍यायन/मूल्‍यांकन बागवानी नर्सरी तथा रोपण सामग्री के आवश्‍यकता आधारित कार्यान्‍वयन द्वारा गुणवत्ता आधरित  रोपण सामग्री की उपलब्‍धता को सुनिश्चित  करने में सहायता करना।
6:- ताजे बागवानी उत्‍पादों का संवर्धन तथा बाजार के विकास के लिए कदम उठाना।
7:- बागवानी पार्को तथा कृषि निर्यात क्षेत्रों में सामान्‍य जन सुविधा केन्‍द्रों की स्‍थापना।
8:- बाजार आसूचना प्रणाली, बागवानी डाटाबेस को विकसित करने तथा प्रसार एवं संचयन को सुदृढ़ बनाना।
9:- वर्तमान स्थिति का मूल्‍यांकन, अवरोधों की पहचान करने के लिए अध्‍ययन तथा सर्वेक्षण करना और बागवानी के योजनबद्ध विकास के लिए लघु तथा दीर्घावधि रणनीति विकास करना तथा सलाहकार एवं परामर्शी सेवाओं सहित तकनीकी सेवाएं प्रदान करने के लिए अध्‍ययन तथा सर्वेक्षण को कार्यान्वित करना है।

एन एच बी संवादात्मक